Réhahn की जीवनी

सन 1979 में नॉरमदे , फ्रांस में पैदा हुए रेहान को हमेशा से ही फोटोग्राफी और यात्रा का शॊक रहा हैं । जहाँ बहुत सारे लोग नैसर्गिक दृश्यों की खोज में सफ़र करते हैं । रेहान की यात्रा का एकमात्र उद्देशय नए लोगो से मिलना तथा लोगो को उनके नैसर्गिक वातावरण को अपने कैमरे में कैद करना रहा है । इस के दवारा रेहान ने न सिर्फ दूर दराज के इलाको की भिन्न भिन्न संस्कृति को सिखा बल्कि अपने खास अंदाज से तस्वीर को अपने कैमरे में कैद करना भी सिख लिया । अन्य चितर्कारो तथा रेहान की तस्वीरो में यह अंतर रहा है कि ये अनियमित रूप से नैसर्गिक वातावरण में पल को कैद करने का बखूबी हुनर रखते है । इसके लिए वे अपने मॉडल के साथ बातचीत के दौरान बीताये गए समय में उनके बेहतरीन क्षणों को कैद कर लेते है । रेहान की तस्वीरे दर्शको को तस्वीर के पीछे की कहानी समझने में सहायक होती है । उनका उदेशय ही यही है कि दर्शक अपनी कल्पना की उड़ान के सहारे तस्वीर में छुपी सुन्दरता की खोज कर सके ।

सन् 2007 में वैतनाम के एक गैर लाभकारी संगठन के साथ काम करते हुए रेहान का दिल वैतनाम की सुन्दरता तथा वहां के लोगो पर आ गया और उन्होंने वैतनाम में अपने सालाना यात्रा के दोरान अपन समय वैतनाम के लोगो तथा संस्कृति को अपने कैमरे के लेंस के द्वारा उजागर करने में लगा दिया ।
सन् 2011 में पहली बार रेहान ने “होए-अन” जैसे छोटे से शहर में स्थानान्तार्ण लेने का फैसला लिया । फ्रांस की अपनी आधुनिक और वयस्त जीवन को त्याग कर “होए-अन” जैसे छोटे से शहर में रहने का यह फैसला अपने फोटोग्राफी के ख्वाबो के पीछे बढ़ाया गया एक साहसी कदम था ।
फोटोग्राफर का अधिकतर समय यात्रा तथा नये लोगो से मिलने में व्यतित होता है चाहे स्थानीय हो या प्रय्टक । रेहान सही मोके की तलाश में रहता है । सात साल वैयतनाम में अपनी नोटर गाडी पर सवार होकर इन्हिने देश का एक चोथाई हिसा देख लिया । अपने इस सफ़र क दोरान 40,000 से भी ज्यादा फोटो ली । लेकिन केवल 145 तस्वीरों को ही इनकी सबसे पहली पुस्तक “वैतनाम-मुसेईक ऑफ़ कंट्रास्ट ” में जगह मिल सकी । यह पुस्तक वो पुस्तक है जिसमे फोटोग्राफर अपना दृष्टिकोण तथा वैत्नाम की कुछ कहानिया दुनिया क साथ बंटाना चाहते है । यह वैतनाम के अलग अलग पहलुओ को चित्रण करते है। नका मकसद था कि दर्शक अपने नैसर्गीक अंदाज में तस्वीर की सुन्दरता को सोच सके जैसे जिस प्रकार इन्होने मॉडल को अपने कैमरे में कैद किया है ।
सन ्2014 में रेहान ने अपनी पहली फोटो गैलरी “कॉलेर्स डी एसी” “होए-अन ” शहर के “एन्सिएन्ट टाउन” में शुरू की। फोटोग्राफी का यह शोक रेहान को यहाँ तक सिमित न रख सकी । उन्होंने नए अभियान तथा नये विचार अपनी तस्वीरों में प्रस्तुत करना जारी रखा। इहाँ का शोक उन्हें अपनी तस्वीरो में नये विचार ततः नई तकनीक डालने में सहायक रहा । उन्होंने अन्य फोटोग्राफर तथा नये विकसित तकनीक की सहायता से तस्वीर लेने की अपनी तकनीक को बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश इ। रेहान अथक रूप से सिखने के नये अवसर की कोशिश में लगे रहे ताकि वे अपनी कला को अपने अनुयायियों में बांट सके तथा अपने फोटोग्राफर मित्रो से फीडबैक व् सुचना हासिल कर सके । वे उनके साथ पर्याप्त अनुभव तथा कहानिया बताने लगे । रेहान को उनके परिश्रम का फल तब मिला जब विशिष्ट फोटोग्राफी मैगज़ीन जैसे “लोस अन्जिलोस टाइम्स , काँड नास्ट ट्रव्ल्लेर्स , डेली मेल्स टाइम्स, फोटो डिजिटल और अक्सर नेशनल जियोग्राफी ” दवारा रेहान के काम को स्वीकृति मिली । इसके अलावा रेहान के व्यक्तिगत फेसबुक के पेज पर उनके अनुयायियों की भारी संख्या देखने को मिली । फेसबुक पर इनके फ़ेस की संख्या करीब 2,00,000 है और ये सिलसिला अभी तक जारी है । यह सफलता रेहान को प्रेरित कर रही है और कठिन परिश्रम के लिए जिस से वे और ज्यादा नैसर्गिक और ज्यादा सुन्दर और यक़ीनन और ज्यादा अर्थ पूर्ण लक्ष्य अपने तथा अपने अनुयायियों के लिए प्राप्त कर सके ।
पूरे विशव में विसम्य्कारी रूप से मीडिया की विस्तृती मिलने के बाद रेहान को एक और पुरुष्कार के रूप में “बोर्ड पांडा डॉट कॉम (1.5 मिलियन अनुयायी फेसबुक पर और 3 मिलियन जी+ पर)” द्वारा रेहान क विषय में लेख प्रकाशित होने पर मिला। रेहान दुनिया क बेहतरीन पोर्ट्रेट फोटोग्राफर में “स्टीव ऍम सी कर्री , जिम्मी नेल्सन ली जफ्रिज ” जैसे प्रसिद्ध फोटोग्राफर के साथ चोथे स्थान पर नामांकित किया जाता है । एक हफ्ते क अन्दर अन्दर यह लेख विशव में 3,00,000 लोगो द्वारा देखा गया और 60,000 लोगो द्वारा शेयर किया गया । अब यह लेख अलग अलग मीडिया साइट्स जैसे चाय्निज , जेप्निज , स्पेनिज , थाई पोर्तगीज , फ्रेंच और अन्य वेब्साइट्स पर प्रकाशित हुआ।
रेहान की फोटोग्राफी में शैली को उसके विशेष स्पर्श तथा अपने लक्ष्य की आत्मा को अपने कैमरे में कैद करने की कला की वजह से याद रखी जाएगी । इनकी तस्वीरों में भावना का ऐसा बहाव मिलता है जिसे शब्द शायद ही बयाँ कर सके ।
आखिरकार रेहान की 2 तस्वीरों तथा उनकी फोटोग्राफी को गैर सरकारी ” आर्ट कलेक्शन ऑफ़ एशिया (हवाना , क्यूबा )” में जगह मिल सकी ।
20 मई , 2015 को रेहान ने वरसाईल्स (एन्सीयंट एल्यूरस) में अपनी तस्वीरों के कुछ सिमित संस्करण के साथ नई गैलरी शुरू की ।

Facebook